आठवतायत का तुम्हाला ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ मधले गाजलेले ‘हे’ डायलॉग्ज

 

मुंबई। २००७ साली ट्वेन्टी ट्वेन्टीच्या आणि २०११ साली वन डेच्या विश्वचषकावर भारताचे नाव कोरणारा ‘कॅप्टन कूल’ तसेच भारतीय संघाचा माजी कर्णधार महेंद्रसिंग धोनी याचा आज ३९ वा वाढदिवस आहे.

२०१६ मध्ये धोनीच्या जीवनावर अधारित ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ हा चित्रपट प्रदर्शित झाला होता. या चित्रपटाला प्रेक्षकांनी चांगलीच पसंती दर्शवली होती. या चित्रपटात धोनीचे बालपण ते २०११ च्या विश्वचषकापर्यंतचा त्याचा प्रवास दाखवला होता.

या चित्रपटात सुशांतने धोनीची भूमिका साकारली होती. या चित्रपटातील काही डायलॉग चांगलेच गाजले होते. धोनीच्या वाढदिवसानिमित्त आपण आज त्या आठवणींना पुन्हा उजाळा देऊयात.

१) ‘तुम्हारा रिजल्ट डिसाइड नहीं करता है कि तुम लूजर हो कि नहीं, तुम्हारी कोशिश डिसाइड करती है।’

२. ‘एक बॉलर विकेट लेगा, एक अच्छा बैट्समैन किसी मैच में आपके लिए रन बनाएगा, किसी मैच में नहीं बनाएगा, लेकिन एक अच्छा फील्डर हर मैच में आपके लिए रन बचाएगा।’

३. ‘लाईफ में सब बॉल एक समान थोडी ना मिलेगा, मेरिट पे खेलना है और टिके रहना है, स्कोर बोर्ड आगे बढ़ता रहेगा।’

४. ‘हमको भी एक चान्स दीजिए ना सर।’

५. ‘उधर खडगपुर में जॉब के सेक्यूरिटी में फस गए ना बाबा, तो हम आगे कुछ नहीं कर पायेंगे।’

६. ‘क्रिकेट खेलेगा? सर हमको क्रिकेट में बॅटिंग ज्यादा अच्छा लगता है। पहले विकेट कीपिंग पे ध्यान दो तुम. समझा।’

७. ‘खेल कूद अपनी जगह है. लेकिन पढोगे लिखोगे तो किसी लायक बनोगे।’

८. ‘सर हम सोच रहे थे कि हम कर क्या रहे है? हम क्रिकेटर हैं लेकिन टीसी का काम कर रहे हैं. खडगपुर स्टेशन पे और रोज़ गेट नं. 3 पे खडे होकर फाइन इखट्टा करते हैं. ना तो हमारा गेम इम्प्रूव हो रहा है सर, ना आगे का कोइ ओपर्चुनीटी मिल रहा है, कब तक और एसे चलेगा सर।’

९. ‘धोनी कोई तेंदुलकर है, नही पाजी धोनी, धोनी हैं। एक बार उस लडके को कोई मौका मिल गया ना तो बहुत आगे तक जायेगा।’

१०. ‘जो धोनी को प्रोमोट कर रहा है, धोनी आज उसी को बाहर करना चाहता हैं।’

११. ‘हमें भी क्रिकेट का शौक था। पर टॅलेंट नहीं था। लेकिन इस लडके में बहुत टॅलेंट है। अगर ये लडका लंबा खेल गया ना, तो हमें भी लगेगा कि इसके साथ- साथ थोडासा हम भी खेल गये।’

१२. ‘माही, मार रहा है।’

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